तेरी याद दिलाएगी….

तू थक के चूर हुआ तो क्या,
तुझे रुकना नही है…
हालातों के आगे ए दिल, झुकना नही है…

काट अंधेरों को बढ़ चल, रस्ते निकाल
टूटे दिल को अपने,तू ले सम्भाल

ये अंधेरे तो जाने है,जाएंगे
मत हो उदास,तेरे भी जमाने आएंगे।

क्या हुआ जो साये भी,साथ छोड़ गए
क्या हुआ जो शीशे से दिल को,तोड़ गये

तू टूटे दिल को अपनी ताकत बना,
उठ जा अब पगले, देख बादल घना

ये बरसेगा और हरियाली आएगी
इस भूले शहर को तेरी याद दिलाएगी….

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छोड़ जाएंगे….


तमाम उम्र गुमनाम रहे
तो क्या हुआ,
आखिर में एक नाम छोड़ जाएंगे…!
चले थे खुद
जिस राह पर अकेले,
कदमो के निशान छोड़ जाएंगे…!
कुछ दे ना पाए जमाने को
तो क्या हुआ,
कुछ ना पाने का इल्जाम छोड़ जाएंगे…!
गुजरते वक्त की
तल्खियों को समेटे,
अधूरी ख्वाहिशों का पैगाम छोड़ जाएंगे…!
ऐ दुआ तू भी
काम ना आ पाई,
बेअसर दुआओं का इनाम छोड़ जाएंगे..!

Bhuli bisari yaaden…


जाने कब से दबी पड़ी थी,
कुछ भूली बिसरी यादें…!
उन यादों के संग खड़े थे,
कुछ अधूरे वादे…!
दस्तक दी इक याद ने आकर,
दिल के दरवाजे के बाहर..!
कैसे खोलूं दरवाजे को,
नही रहे वो दौर इरादे…!
वक्त जो आहट सुन ना पाया,
गुज़र गया यूँ पांव दबाए…!
जा लौट जा पंछी, फिर मत आना,
ऐसा ना हो होश गवा दे…!
जाने कब से दबी पड़ी थी,
कुछ भूली बिसरी यादें…!
उन यादों के संग खड़े थे
कुछ अधूरे वादे..!

समंदर


तू सदियों से बह रहा अविरल,
सुख के मोती तुझमे भी हैं,
एक समंदर मुझमे है
तुझमे भी है एक समंदर
तेरे तट से जाने कितने
तिनके तिनके पार गए
कितनो ने पाया है जीवन
कितने वक्त से हार गए…
तू जिसको गले लगाता है,
राही वो मंजिल पाता है
सपनों के सौदागर सा
एक मस्त सिकन्दर तुझमे भी है
एक समंदर मुझमे है
तुझमे भी है एक समंदर
क्यों रूठा रूठ है हमसे
तू मूझको बहुत लुभाता है
तेरे मोती, मेरे मोती
मिल कर बने आग समंदर
दे दे वो रुख हमको भी
पार हो जाऊ आज समंदर
एक समंदर मुझमे है
तुझमे भी है एक समंदर…

Hi दोस्तों, कैसे हो?
जिंदगी अपनी रफ्तार से बढ़ रही है। बहुत लोग पीछे छूट रहे है। तो बहुत लोग आगे निकल जा रहे है। कुछ को अगर हम पीछे छोड़ रहे है तो कुछ हमे छोड़ के चले जा रहे है। जब आपका कोई दोस्त दूसरे शहर जाकर बस जाता है,तो आपको दुख होता है। फिर भी आपको एक उम्मीद होती है कि कभी न कभी दुबारा उससे मिल ही जाओगे। फिर अचानक जब आपको पता चलता है कि आपका वो दोस्त नही रहा तो आपको सदमा सा लगता है।भले हीं आप उससे महीनों से दूर थे पर जुदाई का एहसास अब हो रहा होता है आपको। मेरे कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि उम्मीद, दुबारा मुलाकात होने की उम्मीद जुदाई के अहसास को मार देती है पर जब उम्मीद टूट जाती है तो जुदाई का दुख गहरा हो जाता है।
कल शाम को अचानक पता चला मेरे मामाजी जो कि मेरठ में रहते थे,उनका देहांत हो गया। मुझे बहुत दुख हुआ। दोस्तों, मेरा ननिहाल मेरठ में है। मेरठ से मेरी जिंदगी की वो यादें जुड़ी है जो मेरी जीवन का शायद सरमाया है। हर गर्मी की छुट्टियों में हम मेरठ जाया करते थे। मुझे याद है हम बहुत इंतजार करते थे कि कब छुट्टियां हों और हम ननिहाल जाए। ताज्जुब की बात तो ये होती थी कि छुट्टियों के बाद जब लौटते थे घर, तो मेरठ छूटने का बहुत गम होता था। हमारा ननिहाल था ही इतना अच्छा। दो मामा और मसियाँ सब मेरठ में ही रहते थे। सबके घर जाना। सबसे मिलना। बहुत मजे के दिन होते थे। फिर मेरे लिए तो सोने पे सुहागा वाली बात हो गयी। ग्रेजुएशन खत्म करने के बाद मुझे कंप्यूटर कोर्स करने मेरठ जाने का मौका मिला और इस तरह एक लंबा वक्त ननिहाल में रहने का सुनहरा अवसर भी । मैने करीब 2 साल अपने मामा के घर गुजारे। बहुत मजे के दिन थे। पहली बार जिंदगी को अपने तरीके से,बिना पाबन्दियों के जीने का मौका मिला था। इसलिए आज भी जब भी अपनी पिछली जिंदगी पर नजर जाती है तो वो 2 साल बेहतरीन समय लगता है।
आज वही मामाजी इस दुनिया मे नही है। अब उनसे कभी मुलाकात नही होगी। यह अहसास ही अंदर ही अंदर कचोट रहा है। उनकी यादें दिलों से नही जाएंगी। उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे जीवन मे आने वाले समय को अनुकूल बनाएगा।भगवान उनकी आत्मा को शांती बख्शे।

कुछ कही, कुछ अनकही


दुनिया का कोई भी इंसान,चाहे कितना भी नकारा हो,बेकार हो। उसमे कुछ ना कुछ खूबियाँ जरूर होती हैं। दरअसल उस ऊपर वाले ने किसी को भी यूजलेस बनाया ही नही।हर एक मे खामियों के साथ साथ कुछ खूबियाँ भरी। बेकार से बेकार इंसान को कुछ ना कुछ ऐसा दे हीं दिया कि वो दुनिया में अपना वजूद बनाये रखे। अगर कोई मन्दबुद्धि है तो दिल से बहुत अच्छा है। अगर कोई दिल का बहुत बुरा है तो अत्यधिक बुद्धिमान है। मतलब ईश्वर से बड़ा कोई कारीगर है ही नही। उसने अपनी सृस्टि की रचना की तो सबको जीने का आधार भी दे दिया।
इस दुनिया मे आना जाना तो लगा रहता है। उसकी बनाई दुनिया मे ये आवागमन सदियों से चलता आया है और चलता रहेगा। लोग दुनिया मे आते है और चले जाते है। इसी तरह चलता रहेगा। ये आवागमन शाश्वत है और शाश्वत रहेगा। लोग पैदा होते हैं। इस धरती पर अलग अलग माहौल में रहते है। गिरते पड़ते संवरते है। सीखते है अपनी गलतियों से,निखरते है। अपना जीवन जी कर फिर चले जाते है पीछे यादों की एक धरोहर छोड़ कर। और ले जाते है अपने साथ अपने अंदर की सारी खूबियाँ। गिर कर सम्भलने का वो हुनर, समस्याओं से जूझ कर मुस्कुराने की वो कला, हिना की तरह लगातार पीस कर रंग छोड़ देने का वो जज्बा। केवल इंसान नही मरता, उसके साथ मर जाता है एक हुनर,एक अध्याय। जिस अध्याय से वो कुछ सीख सकते थे, वो चेप्टर हमेशा के लिए क्लोज हो जाता है। केवल इंसान नही उसके साथ उसका नाम,उसकी बदनामी सब चली जाती है। फिर वो हमारी यादों में ही सीमित रह जाता है।
दोस्तों, जाना तो एक दिन सबको है, इस सच को कोई नकार नही सकता। आपके हाथ मे कुछ नही है। आपके हाथ मे अगर कुछ है तो पैरों के वो निशान छोड़ना जिस पर चल कर कोई मंजिल को पा ले। आपके हाथ मे अगर कुछ है तो कुछ यादें छोड़ जाना लोगों के दिलों में। सोचो जब आप नही होंगे कोई आपके पीछे से आपको याद कर के आंखे नम करेगा। कुछ ऐसा कर जाइये अपनी इस यात्रा को पूरा होने से पहले।
आप ये मत सोचो कि आपके पास है क्या जो आप लोगों को देंगे,,,मेरे दोस्तों जिस तरह ऊंचाई की कोई सीमा नही उसी तरह गहराई की भी कोई सीमा नही होती। आप कितने भी कमजोर है आपसे भी कमजोर कोई न कोई जरूर होगा। उसकी मदद करें। यकीन मानिए ईश्वर आपकी मदद को भी किसी न किसी आपसे शक्तिशाली हाथ को भेजेगा। दूसरों के आंसू पोछिये,आपके भी आंसू पोछने वो किसी न किसी को भेज देगा। अपने समर्थ के हिसाब से अपने से कमजोर की मदद कीजिये, ईश्वर आपसे भी मजबूत इंसान को आपकी मदद के लिए भेजेगा। यथासम्भव किसी की परेशानी का कारण न बने,,,ईश्वर आपके रास्ते के कांटों को भी फूल बना देगा। जितना हो सके लोगों की मुस्कुराहट का कारण बने फिर देखे आपके जीवन मे खुद ब खुद मुस्कुराहट आएगी। आज के लिए बस इतना ही। दोस्तो जिंदगी में सिद्धांत रखने के साथ साथ अमल करना भी जरूरी है। अमल करें और अपने अंतर्मन को मज़बूत बनाये।
धन्यवाद,
वन्दे मातरम…
#Navbharattimes
#कुछ_कही_कुछ_अनकही

नसीब

कितनी #अंधेरी रातें,
#जाग कर
#गुजार दी!
उस #उजली सुबह
की चाह में,
#नींद
आंखों में मार दी!
#हसरतें,
देती रहीं #दस्तक
तेरे #दर पे
तड़प कर!
ऐ #नसीब
तेरी हर #चोट ने,
#खुशियां
उजाड़ दी!
तू #सोया रहा
ले अब तो,
#साँसे भी #थम रही!
तेरी #इंतजार में
हमने
#जिंदगी गुजार दी…!